मुख्यमंत्री नायब (haryana news:)सिंह सैनी ने घोषणा की कि प्रदेशभर में गोचरान की भूमि को चिह्नित किया जाएगा। यह भूमि, जिसे वर्तमान में पंचायतें ठेके पर देती हैं, अब उसके प्राप्त धन का उपयोग गोशालाओं की गतिविधियों के लिए किया जाएगा। साथ ही, गोचरान भूमि को गोशालाओं की आवश्यकता अनुसार चारा उगाने के लिए आवंटित किया जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को इस कार्य के लिए रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यह बातें पंचकूला में आयोजित गोसेवा सम्मान समारोह के दौरान कहीं।
समारोह(haryana news:) में मुख्यमंत्री ने गोशालाओं के लिए 216.25 करोड़ रुपये की चारा अनुदान राशि जारी की। साथ ही, उन्होंने गोवंश पकड़ने के लिए निर्धारित अनुदान राशि की योजना की शुरुआत की। इसमें नंदी के लिए 800 रुपये, गाय के लिए 600 रुपये, और बछड़े के लिए 300 रुपये की नकद सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, शेड निर्माण के लिए भी अनुदान वितरण योजना शुरू की गई।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने आत्मनिर्भर बनने वाली गोशालाओं के संचालकों को सम्मानित किया और तीन नई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि गोशालाओं को बायोगैस प्लांट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा और इस कार्य में तकनीकी सहायता सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी। गोबर से प्रोमो खाद बनाने की विधि भी गोशालाओं को सिखाई जाएगी। इसके अलावा, गाय के गोबर से पेंट और गोमूत्र से फिनायल, साबुन, शैंपू आदि उत्पाद तैयार करने के लिए गोशालाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन उत्पादों की मार्केटिंग में भी सरकार मदद करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 330 गोशालाओं में सोलर ऊर्जा प्लांट लगाए जा चुके हैं, और शेष गोशालाओं में भी जल्द ही यह कार्य पूरा किया जाएगा। गोशालाओं को दो रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
पशुपालन (haryana news:)एवं डेयरी विभाग के माध्यम से देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। इससे ए-टु दूध का उत्पादन बढ़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि 2014-15 में हरियाणा गो सेवा आयोग का बजट मात्र दो करोड़ रुपये था, जिसे बढ़ाकर इस वर्ष 510 करोड़ रुपये कर दिया गया है।इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, हरियाणा गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण गर्ग, और विधायक रणधीर पनिहार समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।