चीनी(agricultural sugar:) उद्योग के प्रमुख निकाय, इस्मा के अनुसार, महाराष्ट्र में उत्पादन में आई गिरावट के कारण अक्टूबर में शुरू हुए चालू विपणन वर्ष में 15 दिसंबर तक चीनी उत्पादन 17 प्रतिशत घटकर 61.39 लाख टन रह गया। उत्पादन के आंकड़ों में चीनी का इथेनॉल निर्माण के लिए चीनी उपयोग की मात्रा शामिल नहीं है। भारतीय चीनी और जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (इस्मा) ने एक बयान में कहा कि चालू विपणन वर्ष 2024-25 (अक्टूबर-सितंबर) में 15 दिसंबर, 2024 तक चीनी का उत्पादन 61.39 लाख टन तक पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 74.05 लाख टन था।
(agricultural sugar:) इस साल कर्नाटक में चीनी मिलें पिछले साल की तुलना में करीब 7-12 दिन देरी से शुरू हुईं, जबकि एक अन्य प्रमुख राज्य महाराष्ट्र में चीनी मिलें पिछले साल की तुलना में 15-20 दिन देरी से चालू हुईं। आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन 22.11 लाख टन से बढ़कर 23.04 लाख टन हो गया। महाराष्ट्र में चीनी उत्पादन 24.45 लाख टन से घटकर 16.78 लाख टन रह गया। कर्नाटक में चीनी उत्पादन 17.56 लाख टन से घटकर 13.85 लाख टन रह गया।इस्मा ने कहा कि ‘‘इस साल चीनी का इथेनॉल के निर्माण में इस्तेमाल पिछले साल के 21.5 लाख टन के मुकाबले करीब 40 लाख टन अधिक रहने का अनुमान है।’’