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Farmer Protest : संयुक्त किसान मोर्चा पलवल ने ट्रैक्टर रैली निकालकर किया प्रदर्शन

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पलवल। किसानों पर दमन के खिलाफ और लंबित मांगों को लेकर आज संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिले के सैकड़ों किसानों ने देवीलाल पार्क के नज़दीक राष्ट्रीय राजमार्ग-19 के साथ ट्रैक्टर खड़े करके प्रदर्शन किया। विजेंदर सरपंच लालवा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम का संचालन मोर्चा के नेता धर्म चन्द प्रधान किसान सभा जिला कमेटी पलवल ने किया। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किसानों पर गोली चलवाने के दोषी अधिकारियों व सरकार में शामिल मंत्रियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज करने, किसानों की हत्या, क्रूर दमन और ट्रैक्टरों को हुए नुकसान की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने की मांग की गई तथा शोक संतप्त परिवार को मुआवजे के रूप में 1 करोड़ रुपये और क्षतिग्रस्त 100 ट्रैक्टरों के मरम्मत के खर्च का मांग भी की गई।

ट्रैक्टर रैली

संयुक्त किसान मोर्चा की आम सभा ने शहीद युवा किसान शुभकरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए किसान संघर्ष को तेज करने का आह्वान किया गया।

14 मार्च 2024 को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल किसान मजदूर महापंचायत में भाग लेने का निर्णय भी किसान मोर्चा द्वारा लिया गया।आज के कार्यक्रम में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में भारत सरकार से विश्व व्यापार संगठन छोड़ने की मांग की गई।किसानों ने देवीलाल पार्क से चलकर मीनारगेट से होते हुए बस अड्डे तक जलूस निकाला।

किसान मोर्चा

देवीलाल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मास्टर महेंद्रसिंह चौहान व धर्मचन्द घुघेरा ने कहा कि आज अपनी लंबित मांगों को लेकर और किसानों के संघर्ष के दमन के खिलाफ पूरे भारत में कई कार्यक्रमों के साथ किसानों की एक विशाल लामबंदी आयोजित की जा रही है।उन्होंने सरकार व प्रशासन द्वारा आन्दोलन कर रहे किसानों पर सीधे गोली चलाने तथा भारी दमन करने के लिए सरकार की आलोचना की।उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने अवैध रूप से सीमा पार किया और प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई। पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर किसानों के कई ट्रैक्टरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया जो बहुत ही निंदनीय है।

किसान मोर्चा

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं उदय सिंह सरपंच व सोहन पाल चौहान ने आरोप लगाया कि किसान आंदोलन को अलग-थलग करने और विभाजित करने के लिए प्रदर्शनकारियों पर गंभीर दमन करने, पंजाब के लोगों के बीच अलगाव पैदा करने और इस विभाजन का चुनावी लाभ उठाने की कोशिश करने की साजिश रचने के लिए केंद्र को सीधे तौर पर दोषी ठहराया। एसकेएम ने केंद्रीय ग्रहमंत्री और हरियाणा के मुख्य मंत्री तथा राज्य के मुख्यमंत्री और ग्राहमंत्री अनिल विज के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों की हत्या और चोट और विरोध स्थल पर कई ट्रैक्टर को नुकसान पहुंचाने के लिए पंजाब सरकार से उनके और हरयाणा पुलिस के खिलाफ धारा 302 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की। एसकेएम ने गोलीबारी और ट्रैक्टरों को हुए नुकसान की सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराने की मांग की।इसमें पंजाब सरकार से हरियाणा के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की गई है।

यह भी पढ़ें : संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पलवल के किसानों ने किया सरकार का पुतला दहन

एसकेएम ने शोक संतप्त परिवार को मुआवजे के रूप में 1 करोड़ रुपये और क्षतिग्रस्त 100 ट्रैक्टरों की मरम्मत के खर्च की भी मांग की।एसकेएम की आम सभा ने किसानों की मांगों को हासिल करने, मुद्दा आधारित एकता विकसित करने का आह्वान किया।

किसान मोर्चा

एसकेएम ने आज डब्ल्यूटीओ छोड़ो दिवस के रूप में मनाते हुए सरकार से इस संस्थान से अलग होने की मांग की। आज डब्ल्यूटीओ सम्मेलन अबू दाबी में शुरू होने जा रहा है।डब्ल्यूटीओ भारत सरकार को किसानों को एमएसपी न देने के साथ-साथ धन के रूप में लाभ के सीधे हस्तांतरण का तर्क देकर पीडीएस को वापस लेने के लिए मजबूर करने के लिए जिम्मेदार है। दोनों प्रस्ताव किसानों, गरीबों और भारत की खाद्य सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हानिकारक हैं। एसकेएम ने देश के किसानों से अपील की कि वे डब्ल्यूटीओ छोड़ने की मांग को लेकर सामूहिक बैठकें आयोजित करें और सरकार की नीति का विरोध करने के लिए यातायात को अवरुद्ध किए बिना राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर मार्च करें और अपने ट्रैक्टरों को खड़ा करें।

किसान मोर्चा

एसकेएम संघर्ष को तेज करने के लिए 14 मार्च को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में एक विशाल किसान मजदूर महापंचायत आयोजित करेगा। इस महापंचायत में एसकेएम केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच, अन्य मजदूर संगठनों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं, छोटे व्यापारियों सहित सभी वर्गों से एकजुटता में भाग लेने की अपील करता है। इस विशाल रैली से पहले एसकेएम राज्य इकाइयों से केंद्रीय श्रमिक संगठनों के संयुक्त मंच के साथ समन्वय स्थापित करके किसानों के संघर्ष पर दमन रोकने और मांगों के समर्थन में पदयात्रा और राज्य राजधानी में राजभवन के समक्ष रैलियां आयोजित करने का आह्वान करता है।

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