Thursday, May 23, 2024
33.1 C
Faridabad
इपेपर

रेडियो

No menu items!
HomeHARYANAFatehabadHaryana: ठंड में मरने को मजबूर बेसहारा, नहीं बने रैन बसेरे

Haryana: ठंड में मरने को मजबूर बेसहारा, नहीं बने रैन बसेरे

Google News
Google News

- Advertisement -

देश रोज़ाना: सर्दियों का सीजन जहां कुछ लोगों के लिए सुहावना वातावरण लेकर आता है तो वहीं कुछ बेसहारा लोगों के लिए यह किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। खासकर उन लोगों के लिए जो लोग सड़क पर सोते है। और इन लोगों की जिम्मेवारी प्रशासन को दी हुई है कि वह इनके लिए रैन बसेरों का इंतज़ाम करे और साथ ही सोने के लिए। सर्दी शुरू हो चुकी है और रात का तापमान भी कम होने लगा है।

फतेहाबाद में बेसहारा लोगों के लिए रैन बसेरा बनाने की जिम्मेदारी जिला मुख्यालय की है। लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक बेसहारा लोगों के लिए कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं किये है जिसके कारण लोग अभी भी ठंड में मरने को मजबूर है।

हालात ऐसे हैं कि एक साल से यहां झाड़ू भी नहीं लगी होगी। ये ही नहीं प्रशासन ने रैन बसेरा को लेकर नोडल अधिकारी भी नियुक्त नहीं किए हैं। इसके अलावा न ही धर्मशालाओं को निर्देश जारी किए गए हैं। इसको लेकर पड़ताल की गई जिसमें सामने आया कि जिला मुख्यालय पर तैयारियां शून्य है। अफसर और कर्मचारी इससे बेखबर हैं।

आम दिनों की तरह रात के समय भी रैन बसेरा को जाने वाले गेट पर ताला लटका रहता है। नगर परिषद कार्यालय में पहली मंजिल पर रैन बसेरा के लिए जगह निर्धारित है। यहां पर पड़ताल की गई तो सामने आया कि दोनों कमरों में चारपाई और बिस्तरों पर धूल फांक रही थी।

- Advertisement -
RELATED ARTICLES
Desh Rojana News

Most Popular

Must Read

कभी खाई है लौकी की खीर, स्वाद के आगे भूल जाएंगे सब कुछ

मीठे के दीवाने कई लोग है लेकिन रोज-रोज आप एक ही तरह का मीठा नहीं खा सकते इसलिए बदल -बदल कर क्या बनाए ये...

राष्ट्रपति रईसी की मौत पर ईरान में खुशी भी, गम भी

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में हुई मौत के बाद दो तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जा रही हैं। ईरान और...

कबीरदास ने सिखाया सरलता का पाठ

संत कबीरदास समाज सुधार ही नहीं, एक कवि भी थे। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को सुधार की दिशा में प्रवृत्त किया...

Recent Comments