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केंद्र सरकार ने दिया बड़ा बयान, नहीं बढ़ेगी पीएम किसान सम्मान निधि की राशि

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Parliament Session : सरकार ने मंगलवार को संसद में बताया कि उसके पास ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत किसानों के वित्तीय लाभ को बढ़ाकर 8,000-12,000 रुपये प्रति वर्ष करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कृषि मंत्रालय अर्जुन मुंडा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि इस योजना के तहत महिला किसानों के लिए राशि बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

यह योजना 2019 में शुरू की गई थी। यह योजना पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में 6,000 रुपये प्रति वर्ष का वित्तीय लाभ प्रदान करती है। पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं।

किसान सम्मान निधि

केंद्रीय मंत्री मुंडा से पूछा गया कि क्या सरकार किसानों के लिए वित्तीय लाभ राशि को बढ़ाकर 8,000-12,000 रुपये सालाना करने की योजना बना रही है। इस पर उन्होंने कहा, ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। मंत्री ने कहा कि सरकार अब तक 11 करोड़ से ज्यादा किसानों को 15 किस्तों में 2।81 लाख करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है। उन्होंने बताया कि यह लाभ भूमि धारक किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रदान किया जाता है।

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मुंडा ने यह भी कहा कि पीएम-किसान सम्मान योजना दुनिया की सबसे बड़ी योजना है जिसमें पैसा सीधे खाते में ट्रांसफर किया जाता है। उन्होंने कहा, एक किसान केंद्रित डिजिटल बुनियादी ढांचे ने यह सुनिश्चित किया है कि योजना का लाभ बिचौलियों की भागीदारी के बिना देश भर के सभी किसानों तक पहुंचे। एक सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि योजना की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में 2,62,45,829 किसानों को पीएम-किसान योजना का लाभ मिला है।

PM Modi

सरकार ने लोकसभा में यह भी बताया कि 2018 से 2022 तक राजद्रोह और राज्य के खिलाफ अपराध के 701 मामले दर्ज किए गए। गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत 5,023 मामले दर्ज किए गए। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने एक लिखित उत्तर में संसद को बताया कि राजद्रोह और राज्य के खिलाफ अपराधों के तहत दर्ज मामलों की संख्या 2021 में 149 से घटकर 2022 में 68 हो गई। इसी तरह UAPA के तहत दर्ज मामलों की संख्या 2022 में बढ़कर 1005 हो गई। जोकि 2021 में 814 थी।

मंत्री ने कहा कि इसी अवधि के दौरान 788 लोगों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, राजद्रोह और राज्य के खिलाफ अपराध के मामलों में 500 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किए गए थे। 131 लोगों को रिहा भी किया गया। राय ने बताया कि UAPA के तहत 8,947 लोगों को गिरफ्तार किया गया। आरोप पत्र में 6,503 लोगों के नाम थे। 550 लोगों को बरी भी कर दिया गया।

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