कांग्रेस की दिल्ली इकाई (Delhi Congress :)के प्रमुख देवेंद्र यादव ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में उनकी पार्टी द्वारा आयोजित “न्याय यात्रा” के पहले चरण को लोगों का भारी समर्थन मिला। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने घोषणा की कि वह राष्ट्रीय राजधानी में अगले महीने से “परिवर्तन यात्रा” शुरू करेगी।
कांग्रेस (Delhi Congress :)की एक महीने की “दिल्ली न्याय यात्रा” आठ नवंबर को राजघाट से शुरू हुई और इसका पहला चरण मंगलवार को संपन्न हुआ। इस यात्रा ने पांच दिनों में 15 विधानसभा क्षेत्रों में 125 किलोमीटर की दूरी तय की। यह यात्रा कांग्रेस द्वारा आयोजित की गई है, जो दिल्ली में 10 साल से अधिक समय से सत्ता से बाहर है। इस यात्रा का आयोजन ऐसे समय में किया गया है जब दिल्ली में विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में होने की संभावना है।
यादव (Delhi Congress :)ने दावा किया कि लोग चाहते हैं कि कांग्रेस दिल्ली में फिर से सत्ता में आए। यात्रा का दूसरा चरण शुक्रवार को गोकुलपुरी विधानसभा क्षेत्र से शुरू होगा। यादव ने कहा कि उन्होंने यात्रा के दौरान विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमि और व्यवसायों के लोगों से बातचीत की। विधानसभा चुनावों से पहले यह यात्रा विभिन्न मुद्दों पर दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर दबाव बनाने के लिए निकाली गई है। यह यात्रा राष्ट्रीय राजधानी के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी और इसका समापन 4 दिसंबर को तिमारपुर में होगा। इसका आयोजन चार चरणों में होगा।
भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि सांसदों, विधायकों और राज्य पदाधिकारियों सहित दिल्ली इकाई के वरिष्ठ नेताओं के अलावा पार्टी के राष्ट्रीय नेता सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में “परिवर्तन यात्राओं” में शामिल होंगे। भाजपा की यह यात्रा आम आदमी पार्टी (आप) को हटाने का संदेश देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है, जो दिल्ली में 2015 से सत्ता में है।
भाजपा नेता ने कहा कि पहले “परिवर्तन यात्रा” नवंबर के मध्य में निकालने की योजना थी, लेकिन यह महसूस किया गया कि तिथियों को आगे बढ़ाने से संपर्क कार्यक्रम का प्रभाव अधिक होगा। परिवर्तन यात्रा की नई तिथियों की घोषणा अभी की जानी है, हालांकि इसे दिसंबर से शुरू करने का निर्णय लिया गया। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव से पहले भी भाजपा ने “दिल्ली बचाओ परिवर्तन यात्रा” निकाली थी, लेकिन वह सिर्फ आठ सीटें हासिल करने में सफल रही थी।