Monday, May 27, 2024
34.1 C
Faridabad
इपेपर

रेडियो

No menu items!
HomeIndiaबुमराह की कमी भारतीय टीम को जरूर खलेगी : शास्त्री

बुमराह की कमी भारतीय टीम को जरूर खलेगी : शास्त्री

Google News
Google News

- Advertisement -

आईपीएल 2023 के बाद अगले महीने सात जून से भारत और आॅस्ट्रलिया के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाना है। यह मुकाबला इंग्लैंड के ओवल मैदान पर खेला जाएगा। भारतीय खिलाड़ियों का पहला बैच आॅस्ट्रलिया के लिए रवाना हो चुका है। भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने आॅस्ट्रलिया के खिलाफ भारत के संभावित 11 खिलाड़ियों का चयन किया है।


शास्त्री जो साल 2021 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत के हेड कोच रहे थे, उन्होंने आईपीएल 2023 में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शानदार प्रदर्शन करने वाले अजिंक्य रहाणे को भी अपनी संभावित 11 में शामिल किया है। मौजूदा आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में रहाणे की फॉर्म को देखते हुए चयनकतार्ओं ने उन्हें मौका दिया है। रहाणे को श्रेयस अय्यर के चोटिल होने के बाद टीम का हिस्सा बनाया गया था। वहीं, शास्त्री का यह भी मानना है की तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की कमी भारतीय टीम को जरूर खलेगी।
शास्त्री ने कहा- जिस तरह रहाणे गेंद को टाइम कर रहे हैं वह शानदार है। वह टी20 क्रिकेट को एक अलग नजरिए से देख रहे हैं। उनका ध्यान ज्यादा रन बनाने पर नहीं बल्कि मैदान पर ज्यादा से ज्यादा समय बिताने पर है। रहाणे शानदार स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं जो की भारतीय टीम के लिए अच्छा है।


शास्त्री ने कहा- रहाणे ने बताया है कि जब आप घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करते है तो उससे आप भारतीय टीम में वापसी भी कर सकते हैं। उन्होंने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में अपनी जगह कमाई है। पिछली बार इंग्लैंड में भारत ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था क्योंकि आपके(भारत) पास जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, शार्दुल ठाकुर और मोहम्मद सिराज जैसे तेज गेंदबाज थे। हालांकि, शास्त्री को उम्मीद है कि इस बार टीम आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ फाइनल में अच्छा प्रदर्शन जरूर करेगी।
रवि शास्त्री की संभावित प्लेइंग-11: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली, अजिंक्य रहाणे, रवींद्र जडेजा, केएस भारत (विकेटकीपर), शार्दुल ठाकुर, रवीचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज।

- Advertisement -
RELATED ARTICLES
Desh Rojana News

Most Popular

Must Read

कोंडदेव ने आजीवन पहना बिना बांह का कुर्ता

दादोजी कोंडदेव ने मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी को सैन्य और धार्मिक शिक्षा दी थी। शिवाजी के पिता शाहजी की पूना की जागीर...

सूदखोरों के मकड़जाल में फंसकर कब तक जान गंवाते रहेंगे लोग?

मुंशी प्रेमचंद की एक कालजयी रचना है सवा सेर गेहूं। कहानी सूदखोर महाजन की लुटेरी व्यवस्था का बड़ा मार्मिक वर्णन करती है। कहानी का...

भारतीय मसालों की साख पर बट्टा लगाती कंपनियां

मध्य काल में भारतीय मसालों की कभी यूरोप तक जबरदस्त मांग थी। हल्दी, काली मिर्च, दालचीनी, अदरक, तेजपत्ता और लौंग का दीवाना तो आज...

Recent Comments