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पांच साल में कितना बदला चुनाव प्रचार का तरीका,वोटर्स को लुभा रही है पार्टियां

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पूरी दुनिया डिजिटलाइजेशन की तरफ लगातार बढ़ रही है कई क्षेत्रों में इसका असर बड़े पैमाने पर देखा जा रहा है भारत में भी इसका असर देखने को मिल रहा है लगातार सोशल मीडिया एआई जैसी टेक्नोलॉजी हर आदमी के जीवन का हिस्सा बनती जा रही है

ऐसे में पांच साल में जो सबसे बड़ा बदलाव आया है उसमें एआई वीडियो का भी यूज होना एक बड़ा बदलाव है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनावी शोर में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का “देख रहा है प्रमोद” और मध्य प्रदेश में बीजेपी का “एमपी के मन में मोदी” कैंपेन चर्चा में रहा दोनों ही पार्टियों ने विपक्ष को टारगेट करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का जमकर इस्तेमाल किया।

बड़े शहरों में वोटरर्स को साधने के लिए रैली की बजाय कांग्रेस ने रोड शो और डोर टू रोड कैंपेन पर फोकस किया,कांग्रेस पार्टी ने मध्य प्रदेश के तीन बड़े शहरों इंदौर,भोपाल हो जबलपुर में रोड शो का सहारा लिया तो वहीं इस बार हिंदी हॉट लैंड के दोनों ही प्रदेशों की चुनावी कैंपेन में गारंटी की गूंज भी सुनाई दी जानकारों का यह मानना है की गारंटी के सहारे पार्टियों ने लोगों के विश्वास जीतने की कोशिश की है।

कैसा रहा इस बार मध्य प्रदेश और छत्‍तीसगढ़ का चुनावी कैंपेन नजर डालते हैं–

डोर टू डोर कैंपेन पर रहा पार्टियों का फोकस

यह पहली बार देखने को मिला जब मध्य प्रदेश में ज्यादातर नेताओं ने बड़ी रैलियां की बजाय डोर टू डोर कैंपेन पर ज्यादा फोकस किया आखिर वक्त तक बड़े नेता वोटर के दरवाजे पर वोट मांगते दिखाई दिए। कांग्रेस से जीतू पटवारी,जयवर्धन सिंह और तरुण भनोट जैसे बड़े नेता लोगों के दरवाजे पर वोट मांग रहे थे तो वहीं भाजपा भी पीछे नहीं थी कैलाश विजयवर्गीय प्रहलाद पटेल जैसे दिग्गज नेता प्रचार के दौरान गलियों-गलियों में नजर आए।

डोर टू डोर की सियासत के तहत भाजपा ने अपने बड़े नेताओं से मतदाता पर्ची भी बंटवाई जिसके जरिए लोगों से सीधे जुड़ने की कोशिश की गई।

तो वहीं कांग्रेस भी पीछे नहीं रही कैंपेन में पार्टी के फ्रंटल संगठन यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई ने कमलनाथ की पांच गारंटी को घर-घर पहुंचाने के लिए कैंपेन चलाया ऐसे में बीएसपी और गोंगपा जैसी पार्टियों की उम्मीदवार भी डोर टू डोर कैंपेन के सहारे जनता को साधने की कोशिश में जुटे रहे।

गारंटी की गूंज चुनाव प्रचार में सुनाई दी

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के चुनाव में गारंटी की गूंज भी प्रचार में सुनाई दी संकल्प पत्र को भाजपा ने मोदी की गारंटी का नाम दिया,पार्टी ने घोषणा में गेहूं धान के समर्थन मूल्य बढ़ाने की बात कही तो वहीं कांग्रेस ने भी संकल्प पत्र के बजाए इस बार गारंटी पत्र जारी किया,जिसमें कमलनाथ की पांच गारंटी नाम दिया गया कांग्रेस के गारंटी पत्र में किसानों के कर्ज माफ बिजली हाफ और समर्थन मूल्य जैसी कई मुख्य घोषणाएं भी की गई। राजनीतिक जानकार कहते हैं की गारंटी शब्द का प्रयोग विश्वास बढ़ाने के लिए किया गया है। कर्नाटक में कांग्रेस को पांच गारंटी का फायदा मिला था और त्रिकोणीय मुकाबले में पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की थी।

ए आई टूल का भी इस्तेमाल

कांग्रेस और बीजेपी ने एक दूसरे पर शब्दों के बाण तो छोड़े ही तो वहीं ए आई टूल से बनाई गई वीडियो का भी जमकर इस्तेमाल किया गया बीजेपी ने दिग्विजय सिंह के जंगल राज और कमलनाथ के करप्शन को दिखाने के लिए एआई टूल के सहारे कई वीडियो बनवाए। कांग्रेस ने भी अपनी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए एआई टूल का सहारा लिया। कांग्रेस पार्टी की तरफ से कई वीडियो शेयर किए गए,जिसमें कमलनाथ को भगवान हनुमान से आशीर्वाद लेते हुए भी दिखाया गया तो वहीं पार्टी ने युवाओं को लुभाने के लिए लगातार रिल्‍स का सहारा लिया। पार्टी के अकाउंट से हर दिन 10 से 15 रिल्‍स शेयर किया जा रहे थे। नेताओं के भाषण को भी रिल्‍स में बदलकर शेयर किया गया।बीजेपी के चुनावी प्रचार का थीम एमपी के मन में मोदी है इस थीम पर पार्टी ने कई वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए और जमकर शेयर किए।

उम्मीदवार का पर्सनल टच अप

मध्य प्रदेश के सियासी रण में उतरे ज्यादातर उम्मीदवार खुद को बेटा कहकर प्रचारित करते रहे इस लिस्ट में जीतू पटवारी संजय शुक्ला जैसे कांग्रेस के दिग्गज नेता शामिल है यानी की पर्सनल टच अप देने की कोशिश की गई।

छत्तीसगढ़ की बात की जाए तो यहां पर कांग्रेस का “देख रहा है प्रमोद और भरोसा बरकरार वाला” कैंपेन चर्चा में रहा भाजपा ने “अई बेर बदलबो” का नारा दिया छत्तीसगढ़ की हर रैली में पार्टी के बड़े नेता यही नारा कार्यकतों से लगवा रहे थे।

“देख रहा है प्रमोद” का दांव कांग्रेस ने पहले चरण की वोटिंग से कुछ दिनों पहले कैंपेन लॉन्च किया यह कैंपेन मशहूर टीवी सीरियल पंचायत के देख रहा है विनोद से मिलता जुलता रहा इस कैंपेन को एक्टर दुर्गेश कुमार लीड करते दिखाई दिए इसके जरिए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में अपने कामों का बखान किया और अनोखा प्रचार का तरीका निकाला। वैसे तो कांग्रेस का चेहरा छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल ही रहा लेकिन एन वक्त पर पार्टी ने सामूहिक नेतृत्व में लड़ने का फैसला किया और उनकी योजनाओं को तेजी से लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रमोद सीरीज का इस्तेमाल किया गया

तो वहीं भाजपा ने छत्तीसगढ़ में बदलबो वर्सस बीजेपी के भूलन कांदा यानी बदलबो का कैंपेन चलाया पार्टी ने एआई टूल के जरिए भूपेश सरकार के भ्रष्टाचार,महिलाओं के साथ किए गए धोखे जैसे मुद्दे को उठा रही है वीडियो के आखिर में आब नइ सहिबो,बदल के रहिबो का हैशटेग चलाया तो वहीं कांग्रेस ने एआई वीडियो बनाकर भाजपा के पुराने मामलों को उठाया कांग्रेस को वोट देने की अपील वाले कहीं छोटे-छोटे वीडियो एआई फॉर्मेट में तैयार कर शेयर किए गए इसके अलावा पार्टी ने भूलन कांदा नाम से एक वीडियो जारी किया जिसमें रमन सिंह के 15 सालों की बदहाली को दिखाया गया।

तो वहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में प्रोफेशनल लोगों को भी जिम्मेदारी दी गई मध्य प्रदेश में बीजेपी के कैंपेन के जिम्मेदारी एसोसिएट्स बिलियन माइंड्स के पास थी छत्तीसगढ़ में वाराही नामक एजेंसी बीजेपी के लिए कैंपेन तैयार कर रही है दोनों चुनावी एजेंसी पहले भी पार्टी के अलग-अलग राज्यों में कैंपेन तैयार कर चुकी है खबरों के मुताबिक एसोसिएट्स बिलियन माइंड्स हिंदी बेल्ट के बड़े राज्यों में कैंपेन तैयार करती है और वाराही के पास छोटे राज्यों की जिम्मेदारी रहती है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस के कैंपेन की कमान सुनील कानू गोलू की टीम संभाल रही है कर्नाटक में भी कैंपेन के जिम्मेदारी कानूगोलू टीम के पास थी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस ने भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव की पुरानी टीम पर ही भरोसा जताया। अब इन प्रचार के नए तरीकों का असर कितना हुआ ये तो तीन दिसंबर के परिणाम ही बताएंगें।

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