Tuesday, May 28, 2024
37.1 C
Faridabad
इपेपर

रेडियो

No menu items!
HomeEDITORIAL News in Hindiअपराध का रूप लेतीं मासूम बच्चों की शरारतें

अपराध का रूप लेतीं मासूम बच्चों की शरारतें

Google News
Google News

- Advertisement -

बच्चे हर युग में शरारत करते आए हैं। कहा भी जाता है कि बच्चे शरारत नहीं करेंगे, तो क्या बड़े करेंगे। मतलब यह है कि बच्चों की शरारत को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। मनोचिकित्सक मानते हैं कि जो बच्चा जितना ज्यादा कुशाग्र बुद्धि का होगा, वह उतना ही शरारत करेगा। मंदबुद्धि बच्चा क्या शरारत करेगा। शरारत करने के लिए भी अकल चाहिए। लेकिन कभी-कभी बच्चे ऐसी शरारत कर बैठते हैं जिसकी वजह से उनके परिजनों, शिक्षकों और अन्य लोगों को शमिंर्दा होना पड़ता है। कई बार उनकी शरारत अपराध का रूप ले लेती है और वे कानून के मुजरिम बन जाते हैं। रेवाड़ी जिले में स्थित सैनिक स्कूल के तीन नाबालिग छात्रों ने भी कुछ ऐसी ही गलती की। हालांकि नाबालिग होने की वजह से पुलिस ने आगे कोई कार्रवाई शायद नहीं की है, लेकिन उनकी शरारत या मजाक बहुत गंभीर किस्म की है।

यह एक महिला के चरित्र को कलंकित करने का प्रयास ही था। स्कूल में कार्यरत महिला कर्मचारी पर उन्होंने जो आरोप लगाए थे, वह न केवल घृणित थे, बल्कि उसके चरित्र को दागदार बनाते थे। सैनिक स्कूल के तीन नाबालिग कैडेट्स ने स्कूल से शिकायत की कि स्कूल में कार्यरत एक महिला उन तीनों को पोर्न दिखाए और एक स्टूडेंट के साथ शारीरिक संबंध बनाए। स्कूल को यह शिकायत मिलते ही सबके हाथ पांव फूल गए। स्कूल प्रिंसिपल ने अपने स्तर पर मामले की जांच करने की जगह वह शिकायत पुलिस को भेज दी।

यह भी पढ़ें : अहंकार में पकड़ा गया मूर्तिकार

यदि स्कूल के अधिकारी जांच करते तो शायद बात वहीं तक रह जाती, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने जो कदम उठाया, उसने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया। मामला सिर्फ इतना था कि महिला कर्मचारी इन सभी बच्चों को आए दिन घूमते रहने पर या शरारत करने पर धमकाती रहती थी। इसलिए इन नाबालिग छात्रों ने सोचा कि यदि स्कूल से उस महिला की शिकायत कर दी जाए, तो वह महिला स्कूल से निकाल दी जाएगी। जब पुलिस ने इन छात्रों को बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन बुलाया, तो सारा सच बाहर आ गया। अब सवाल यह है कि इन नाबालिग छात्रों को ऐसा आइडिया आया कहां से? यह बात तो यह है कि इन बच्चों को यह ज्ञान आज के सोशल मीडिया और फिल्मों या टीवी सीरियल्स से मिला होगा। इन माध्यमों ने बच्चों का दिमाग जितना कलुषित किया है, उतना शायद ही किसी माध्यम ने किया होगा। बच्चे तो इंटरनेट पर अश्लील फिल्में देखने के बाद उत्तेजित होकर मामूम बच्चियों से बलात्कार तक करने लगे हैं।

Sanjay Maggu

-संजय मग्गू

लेटेस्ट खबरों के लिए क्लिक करें : https://deshrojana.com/

- Advertisement -
RELATED ARTICLES
Desh Rojana News

Most Popular

Must Read

Recent Comments